अरे कोई उस कुत्ते से भी तो पूछो
जिसने देखे हैं खुद से बड़े कुत्ते
वो कुत्ते जो गली में उसके सामने
लूटते हैं बेटियों की इज्ज़त
वो कुत्ते जो गली में उसके सामने
करते हैं बड़े-बुड्ढों को बे-इज्ज़त
इतना तो ज़रूर है कि अकेले में वो भी बोला होगा उस खुदा से
कि बता खुदा
कुत्ता कौन, मैं या यह
यह सोच के खुदा भी दो पल चुप हो गया होगा
और फिर बोला होगा, कि शायद यही सोच के इंसान तुझे कुत्ता कहते हैं
डरते हैं वे असली कुत्ते से, इसलिए तुझपे रौब जमाते हैं
तुझे दो पल मिले तो, उनसे भी पूछ लेना
कि बता इंसान
कुत्ता कौन, मैं या यह?
-अमित तनेजा

1 Responses to तुझे दो पल मिले तो, उनसे भी पूछ लेना...कि बता इंसान, कुत्ता कौन?

  1. Udan Tashtari Says:
  2. इन्सान और खुदा दोनों चुप हैं...बगलें झांकने के सिवाय क्या करें!!

     

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QTV Program Khwabon Ki Tabeer

अंदाज़-ए-बयां

सीने में जलन आंखों में तूफ़ान सा क्यूं है
इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूं है

दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूंडे
पत्थर की तरह बे-हिस-व-बेजान-सा क्यूं है

तन्हाई की यह कौन-सी मंज़िल है रफ़ीक़ो
ता हददे-नज़र एक बयाबान-सा क्यूं है

हम ने तो कोई बात निकाली नही ग़म की
वह ज़ूद-ए-पशीमान, पशीमान-सा क्यूं है
-शहरयार

आज का लतीफ़ा

"लालू जी अमेरिका गए
वहां के मंत्री के घर देखा .........आलीशान
बोले ............इतनी कम पे में ऐसी कोठी कैसे
.........उसने खिड़की खोली बोला ...सामने पुल देख रहे हो ......50% कमीशन
.........अगले साल वो मंत्री लालू जी से मिलने भारत आया
लालू जी ने अपना महल दिखाया .............
वो बोला इतने गरीब बिहार में आइस्सा शानदार महल .......कैसे
लालू जी उसको छत पर ले गए .............वो नेशनल हाई वे देख रहे हो ...
मंत्री बोला कहां है? दिखाई नहीं दिया
लालू जी--------------100 % .........................."
-विजय अरोरा

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कैमरे की नज़र से...

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कहकशां...अगर तुमने हर हाल में ख़ुश रहने का फ़न सीख लिया तो यक़ीन कर लो कि ज़िन्दगी का सबसे बड़ा फ़न सीख लिया...ख़लील जिब्रान

आज का दिन

आज का दिन
आज का दिन : 5 जिलहिज्ज सन हिजरी 1430, 23 नवम्बर 2009, सोमवार. तिथि संवत : मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष षष्ठी सोमवार 11.17 तक. विक्रम संवत 2066, शके 1931, सूर्य दक्षिणायन, हेमंत ऋतु. सूर्योदय कालीन नक्षत्र : श्रवण नक्षत्र 19.53 बजे तक, वृद्धि योग, 12.17 तक तैतीलकरण, 11.17 के बाद. ग्रह विचार : सूर्य-बुध-वृश्चिक , चंद्र-गुरु-मकर, मंगल-कर्क, शुक्र-तुला, शनि-कन्या, राहु-धनु, केतु-मिथुन. राहुकाल : सुबह 7.30 बजे से 9 बजे तक.